
अजय कुमार/सहरसा
बिहार की सांस्कृतिक राजधानी पटना में कला संस्कृति युवा विभाग बिहार सरकार द्वारा आयोजित किये जाने वाले शुक्र गुलजार एवं शनिबहार कार्यक्रम में इस बार एक विशेष प्रस्तुति होने जा रही है।इस कार्यक्रम में जिले के बनगांव थाना क्षेत्र के परड़ी गांव निवासी मोहन कुमार खां एवं वंदना देवी की सुपुत्री सुषमा कुमारी को कथक नृत्य की एकल प्रस्तुति के लिए चयनित किया गया है।यह चयन इसलिए भी विशेष है क्योंकि पूरे राज्य भर में कथक नृत्य में केवल एक कलाकार है सुषमा कुमारी जिनका चयन हुआ है।सुषमा कुमारी सहरसा के सराही मोड, नया बाजार स्थित सबसे पुरानी एवं प्रतिष्ठित संस्था स्वरांजली जहां गायन, वादन एवं नृत्य तीनों सिखाया जाता है में सुषमा कथक नृत्य के साथ साथ गायन और तबला की विधिवत शिक्षा ले रही है। स्वरांजली संस्थान बिहार की सांस्कृतिक शिक्षा में एक प्रमुख नाम बन चुका है। सुषमा स्वरांजली के संस्थापक प्रो गौतम कुमार सिंह विभागाध्यक्ष संगीत विभाग सर्व नारायण सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय एवं प्रो भारती सिंह जैसे वरिष्ठ नृत्य संगीत के मार्गदर्शन में संगीत और नृत्य का प्रशिक्षण ले रही है। वह नियमित 6 घंटा अभ्यास करती है।फिलहाल वो सर्व नारायण सिंह रामकुमार सिंह महाविद्यालय सहरसा में संगीत प्रतिष्ठा की छात्रा है।साथ ही प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से संगीत प्रभाकर की उपाधि भी प्राप्त कर चुकी है।सुषमा का कहना है कि कथक नृत्य मेरे जीवन का एक अहम हिस्सा है।जब मुझे पता चला कि पूरे प्रदेश से एकमात्र कथक नृत्य में प्रस्तोता हूं तो मेरे खुशी का ठिकाना नहीं रहा।यह अवसर मेरे गुरु जनों एवं माता पिता के आशीर्वाद से ही संभव हुआ।ज्ञात हो कि सुषमा जिला स्तरीय ,राज्य स्तरीय एवं 8 जनवरी से 12 जनवरी तक कोलकाता के सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव में भी अपनी प्रस्तुति देकर भूपेंद्र नारायण मंडल यूनिवर्सिटी का नाम रौशन कर चुकी है। सुषमा के इस चयन पर पूरे जिले में हर्ष का माहौल है।क्षेत्र के कलाकारों,सामाजिक संगठनों,और ग्रामीणों ने सुषमा के इस सफलता पर हार्दिक बधाई दी है और कहा है कि यह पूरे जिले की उपलब्धि है।स्वरांजली संस्था के गुरु प्रो गौतम कुमार सिंह और प्रो भारती सिंह ने कहा कि सुषमा बेहद अनुशासित और मेहनती छात्रा है।उसका इस मंच पर चयन केवल उसकी मेहनत ही नहीं बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं की शक्ति को भी दर्शाता है।वही सुषमा की यह सफलता यह दर्शाती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी अगर सही मार्गदर्शन और मंच मिले तो अपनी प्रतिभ का लोहा मनवा सकती है। सुषमा के इस सफलता पर मेयर बैन प्रिया, सांसद दिनेश चन्द्र यादव, विधायक डॉ आलोक रंजन ,जिला कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा झा, प्रसनजीत झा, मुक्तेश्वर सिंह मुकेश,महिषी उग्रतारा न्यास समिति सदस्य केशव चोधरी, विमलकांत झा,सोहन झा,उमेश झा ने उसे बधाई एवं आशीर्वाद दिया है।



